ख़ुफ़िया रिपोर्ट की बातें एक मुख्यमंत्री कैसे सार्वजनिक कर सकता है?: किरीट सोमैया
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भाजपा के राष्ट्रीय सचिव डॉ. किरीट सोमैया ने आज एक प्रेस वार्ता में कहा कि गुप्तचर विभाग की किसी रिपोर्ट में लिखी गयी बातें एक मुख्यमंत्री कैसे सार्वजनिक तौर पर कह सकता है, यह आचार संहिता का उल्लंघन है| डॉ. सोमैया आज भाजपा के नरीमन पॉइंट स्थित पार्टी कार्यालय में एक प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे|
उक्त विचार उन्होंने महाराष्ट्र के मा. मुख्यमंत्री श्री पृथ्वीराज चव्हाण के उन आरोपों के जवाब में व्यक्त किये जिसमे उन्होंने ये कहा था कि कई प्रकार की जांच द्वारा ये पता चलता है की भाजपा-शिवसेना गठबंधन (जो पिछले १६ वर्षों से बीएमसी का शासन संभाले हुए है) ने जनता का पैसा विकास कार्यों में लगाने की जगह निजी और पार्टी के कामकाज हेतु उपयोग किया है| श्री चव्हाण ने कहा था कि विकास परियोजनायों के तहत आवंटित किये गए करोड़ो रुपयों का गबन कर लिया गया|
डॉ. सोमैया ने आज प्रेस वार्ता में ये कहा कि पहले मा. मुख्यमंत्री ये बताएं कि एमएमआरडीए अथवा राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित जितने भी विकास कार्य पिछले १३ वर्षों से लंबित हैं वो कबतक पूर्ण होंगे उसके बाद वह ये बताएँगे कि भाजपा-शिवसेना शासन में कितना विकास हुआ है| डॉ. सोमैया ने वार्ता में उपस्थित पत्रकारों को “कांग्रेस सरकार की मुंबई की मूलभूत सुविधाओं के प्रति उदासीनता” (Apathy of Congress Government Towards Mumbai ‘s Infrastructure) नामक एक पत्र उपलब्ध करवाया जिसमे उन्होंने 10 ऐसी योजनायों का उल्लेख किया है जिन्हें महाराष्ट्र शासन १३ वर्षों के अपने कार्यकाल में पूर्ण करने में असमर्थ रहा| इनमे मुंबई मेट्रो, मुंबई शहरी परिवहन परियोजना (MUTP), फ्लाई ओवर परियोजनाएं, मीठी-नदी परियोजना, बांद्रा- नरीमन पॉइंट सी लिंक, नवी मुंबई में हवाई अड्डे का निर्माण, मुंबई – न्हावा शेवा सी लिंक, मुंबई-गोवा एक्सप्रेस वे, एमएमआरडीए की परिजोयानाएं तथा बस्ती पुनर्वास प्राधिकरण (SRA) का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा है की २००३ से चल रहे ४० हज़ार करोड़ की मुंबई मेट्रो परियोजना अबतक लंबित है और इसका ५० प्रतिशत से अधिक कार्य किया जाना बाकी है|
वहीँ पिछले पंद्रह वर्षों में “कुर्ला-ठाणे ६ लाइन परियोजना”, ओशिवारा में रेलवे स्टेशन निर्माण का कार्य आदि भी पूरा नहीं किया जा सका है| डॉ. सोमैया ने उपरोक्त पत्र में उल्लेख किया है कि भाजपा-शिवसेना शासन ने ५ वर्षों के शासनकाल में ५५ फ्लाई-ओवर बनवाये थे जबकि कांग्रेस-एनसीपी की सरकार १३ वर्षों में मुश्किल से १३ फ्लाई-ओवरों का निर्माण कर पायी है| मीठी-नदी परयोजना के नाम पर १२६० करोड़ रुपये देने का आश्वासन दिया गया था लेकिन पिछले सात वर्षों में एक पैसा भी आवंटित नहीं किया है| उन्होंने उलेख किया है कि भाजपा-शिवसेना गठबंधन सरकार ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे का कार्य ३ वर्षों में ख़तम कर दिया था जबकि कांग्रेस-एनसीपी की सरकार १३ वर्षों में मुंबई-गोवा एक्सप्रेस वे का कार्य शुरू भी नहीं कर पायी है| यही हालत नवी मुंबई में प्रस्तावित हवाई अड्डे और मुंबई-न्हावा शेवा सी लिंक कि भी है| उन्होंने यह भी उल्लेख किया है एमएमआरडीए और एसआरए में कई घोटाले किये जाते हैं जिनसे कांग्रेस- एनसीपी नेताओं को फायदा पहुंचता है|
डॉ. सोमैया ने मा.मुख्यमंत्री श्री चव्हाण तथा पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री श्री प्रफुल्ल पटेल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते हुए कहा कि मुंबई एअरपोर्ट के प्रस्तावित नवीनीकरण और विस्तारीकरण तथा उन इलाकों की झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे लोगों के पुनर्वास की योजना दो निजी कंपनियों को लाभ पहुँचाने कि दृष्टि से बनाई गयी है| उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत जो जमीन पहले “नो डेवेलपमेंट ज़ोन” में आती थी और जिसका मूल्य १०० करोड़ रुपये था उसे अब “कमर्शियल ज़ोन” घोषित करके उसका मूल्य दस हज़ार करोड़ रुपये कर दिया गया है| यह योजना महाराष्ट्र शासन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय कि मिलीभगत से बनाई गयी है| उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी श्री प्रफुल्ल पटेल द्वारा किये गए अन्य घोटालों कि जांच सीबीआई द्वारा करने की मांग करती है| उन्होंने आरोप लगाया कि हवाला किंग हसन अली ने अपने बयान में श्री पटेल को रिश्वत देने कि बात स्वीकार की है, यदि हिम्मत है तो सरकार हसन अली के बयान सार्वजनिक करे| उन्होंने कनाडा के व्यापारी नाज़िर कारीगर द्वारा एयर इंडिया संविदा प्राप्त करने हेतु प्रफुल्ल पटेल को रिश्वत देने की बात स्वीकार करने का भी उल्लेख किया| विमानों कि खरीद में ६४ हज़ार करोड़ रुपये का घोटाला करने का आरोप भी उन्होंने श्री पटेल पर लगाया|
डॉ. सोमैया ने बीएमसी चुनावों में मुलुंड से कांग्रेस-एनसीपी के प्रत्याशी श्री उत्तम गीते द्वारा छपवाया गया एक समर्थन पत्र दिखाया जिसमे उन्होंने उस वार्ड में रहने वाले करीब ८० गणमान्य लोगों के चित्र और हस्ताक्षर सहित श्री गीते को चुनावों में विजयी बनाने की उनकी अपील छापी है| डॉ. सोमैया ने कहा कि इस पत्र में जिन भी लोगों के नाम दिए गए हैं उनसे किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गयी| कांग्रेस-एनसीपी ने २००९ के लोकसभा चुनावों में भी ऐसा ही किया था जिसमे उन्होंने ऐसा ही पत्र छपवाकर दो भाजपा विधयाकों द्वारा कांग्रेस-एनसीपी प्रत्याशी संजय दीना पाटिल को वोट देने की अपील का उल्लेख किया था| डॉ. सोमैया न कहा कि उन्होंने श्री गीते के इस पत्र कि शिकायत चुनाव आयोग से की है| राज्य चुनाव आयोग के कामकाज पर भी प्रश्न उठाते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग निष्पक्ष चुनाव करवा पायेगा इस पर उन्हें संदेह है क्योंकि आयोग का झुकाव कांग्रेस-एनसीपी की तरफ है|
वहीँ दूसरी ओर डॉ. सोमैया द्वारा लगाये गए सभी आरोपों का खंडन करते हुए मुंबई कांग्रेस के प्रवक्ता श्री किशोर जोशी ने कहा मा. मुख्यमंत्री द्वारा लगाये गए आरोप सही हैं और वास्तव में शिवसेना-भाजपा गठबंधन ने विकास कार्यों के लिए आवंटित राशि का हेर फेर किया है| उन्होंने कहा कि मुंबई शहर की आवश्यकता के हिसाब से यहाँ ६ पम्पिंग स्टेशन होने चाहिए इस कार्य के लिए सरकार की ओर से महानगरपालिका को १२०० करोड़ रुपये आवंटित किये गए थे लेकिन अभी तक महानगरपालिका केवल २ पम्पिंग स्टेशन ही बना पायी है| उन्होंने यह भी कहा कि मा. मुख्यमंत्री ने अपने वक्तव्य में कहीं भी किसी ख़ुफ़िया रिपोर्ट से इस जानकारी के मिलने का उल्लेख नहीं किया था| उन्होंने कल दिए अपने बयान में भी इस बात का ज़ोरदार खंडन किया है उनके पास इस से सम्बंधित कोई गुप्त जांच रिपोर्ट है|
श्री जोशी ने उत्तम गीते द्वारा बिना अनुमति समर्थन पत्र छपवाए जाने के डॉ. सोमैया के आरोप पर कहा कि ये स्थानीय मामला है जिसकी उन्हें अभी तक जानकारी नहीं है| उन्होंने कहा कि चुनाव में खड़े होने वाला हर नेता ये जानता है कि उसे क्या करना है कोई भी इतना अपरिपक्व नहीं होता| सम्बंधित व्यक्ति का लिखित समर्थन मिलने के बाद ही कोई नेता अपने पत्र या पोस्टर-बैनरों में उस व्यक्ति के नाम का उल्लेख करता है|
by Utkarsh Mishra


